बजट में सरकार का निजीकरण पर जोर, सेंसेक्स अपनी नई उंचाई पर

नईदिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में 2021-2022 के लिए आम बजट पेश किया. जिसमें उन्होंने सरकार के प्राइवेटाइजेशन की तरफ जाने पर जोर दिया। 

नईदिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में 2021-2022 के लिए आम बजट पेश किया. जिसमें उन्होंने सरकार के प्राइवेटाइजेशन की तरफ जाने पर जोर दिया। 

वित्त मंत्री ने 75 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को आयकर रिटर्न दाखिल करने से राहत दी है, तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में बजट को बढ़ाया है. किसानों के लिए बजट में खास है, तो बीमा क्षेत्र में एफडीआई को बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का ऐलान किया गया है. कोरोना के खिलाफ टीकाकरण के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है.

वित्त मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत में कहा, 2021-22 का बजट 6 स्तंभों पर टिका है. पहला स्तंभ है स्वास्थ्य और कल्याण, दूसरा-भौतिक और वित्तीय पूंजी और अवसंरचना,तीसरा-अकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना,पांचवा-नवाचार और अनुसंधान और विकास, छठा स्तंभ-न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन. आइये बजट की कुछ अहम बातों को एक-एक प्वाइंट में जानें.

  • ‘आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना’ पर फोकस - आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का ऐलान किया. सरकार की ओर से 64180 करोड़ रुपये इसके लिए दिए गए हैं और स्वास्थ्य के बजट को बढ़ाया गया है.

  • महिलाओं को सभी शिफ्ट में काम करने की इजाजत मिलेगी, नाइट शिफ्ट के लिए पर्याप्त सुरक्षा भी दी जाएगी.

  • रेलवे के लिए रेल योजना 2030 तैयार है. रेलवे के लिए रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ का प्रावधान. सडक़ परिवहन मंत्रालय के लिए 1,18,101 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान.

  • मानव पूंजी के सही उपयोग पर ध्यान

  • स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया. जिसके तहत शहरों में अमृत योजना को आगे बढ़ाया जाएगा, इसके लिए 2,87,000 करोड़ रुपये जारी किए गए.

  • देश में 7 टेक्स्टाइल पार्क बनाए जाएंगे, ताकि इस क्षेत्र में भारत एक्सपोर्ट करने वाला देश बने. ये पार्क तीन साल में तैयार किए जाएंगे.

  • तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट (1.03 लाख करोड़), इसी में इकॉनोमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे. केरल में भी 65 हजार करोड़ रुपये के नेशनल हाइवे बनाए जाएंगे.

  • इंश्योरेंस क्षेत्र में 74 फीसदी तक FDI हो सकेगी, पहले यहां पर सिर्फ 49 फीसदी तक की ही इजाजत थी.

  • स्वामित्व योजना को अब देशभर में लागू किया जाएगा. एग्रीकल्चर के क्रेडिट टारगेट को 16 लाख करोड़ तक किया जा रहा है.

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  • स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधिक फोकस किया गया. जिसमें स्वास्थ्य के लिए 2.38 लाख करोड़ रुपये दिये गये. कोरोना टीकाकरण के लिए 35 हजार करोड़ रुपये दिये गये. हैं वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि अगर और जरूरी पड़ा तो देंगे.

  • मोबाइल हैंडसेट्स के बढ़ेंगे दाम

  • 1 अक्टूबर से नई कस्टम ड्यूटी

  • सीनियर सिटिजन को रिटर्न भरने से मुक्ति - पेंशन लेने वाले 75 साल से ज्यादा के सीनियर सिटिजन को इनकम टैक्स रिटर्न भरने की जरूरत नहीं.

  • कर व्यवस्था को फेसलेस बनाने की कोशिश जारी.

  • इनकम टैक्स अपीलेट ट्राब्यूनल फेसलेस होगा.

  • ट्राब्यूनल में डिजिटली काम किया जाएगा.

  • डिजिटल इंडिया के लिए 3700 करोड़ रुपए.

  • टैक्स सुधार के लिए कई कदम उठाए जाएंगे.

  • स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता

  • इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने की दिशा में काम

  • ऑपरेशन ग्रीन स्कीम का ऐलान किया गया है, जिसमें कई फसलों को शामिल किया जाएगा और किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा.

  • प्रवासी मजदूरों के लिए देशभर में एक देश-एक राशन योजना शुरू. एक पोर्टेल की शुरुआत की जाएगी, जिसमें माइग्रेंट वर्कर से जुड़ा डाटा होगा.

  • किसानों को लागत से डेढ़ गुना एमएसपी

  • ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 14 हजार करोड़ की राशि.

  • नाबार्ड के तहत उपलब्ध राशि को दोगुना करके 5000 करोड़ की वृद्धि.

  • 2021 में गेहूं के लिए 75,060 करोड़ की राशि.

  • 2020-21 में किसानों को 1.72 लाख करोड़ रुपए देने का अनुमान.

  • कपास किसानों के लिए 2019-20 में 25 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि.

  • माइक्रो इरिगेशन फंड के लिए 5,000 करोड़.

  • 3.3 लाख करोड़ रुपये की लागत से 13,000 किलोमीटर से अधिक की सड़क पहले ही 5.35 लाख करोड़ रुपये की भारतमाला परियोजना के तहत दी जा चुकी है, जिसमें 3,800 किलोमीटर का निर्माण किया गया है. मार्च 2022 तक 8,500 किलोमीटर और नेशनल हाईवे कॉरिडोर का अतिरिक्त 11,000 किलोमीटर को पूरा करेंगे.

  • गैर-सरकारी संगठनों, निजी स्कूलों और राज्यों की साझेदारी से 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे.

  • केंद्र की एक नई योजना प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना लॉन्च की जाएगी, इस योजना पर 6 वर्षों में क़रीब 64,180 करोड़ खर्च होगा.

  • जल जीवन मिशन(शहरी) लॉन्च किया जाएगा, इसका उद्देश्य 4,378 शहरी स्थानीय निकायों में 2.86 करोड़ घरेलू नल कनेक्शनों को सर्वसुलभ जल आपूर्ति व्यवस्था करना है.

    भारत में बनी न्यूमोकोकल वैक्सीन अभी सिर्फ 5 राज्यों तक सीमित है, इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा. इससे वर्ष में 50,000 से ज़्यादा बच्चों की मौत को रोका जा सकेगा.

  • शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की शुरुआत होगी. शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को 2021-2026 से 5 वर्ष की अवधि में 1,41,678 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय आवंटन से कार्यान्वित किया जाएगा.

  • वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर 2,23,846 करोड़ खर्च होंगे.

    उज्जवला स्कीम में एक करोड़ और लाभार्थी शामिल होंगे.

  • ऊर्जा क्षेत्र में एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा जिसमें उपभोक्ताओं को एक से ज़्यादा आपूर्तिकर्ता कंपनी में से चुनने का विकल्प दिया जाएगा.

  • वर्ष 2021-22 में एक हाइड्रोजन एनर्जी मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत ग्रीन पावर स्रोतों से हाइड्रोजन को पैदा किया जा सकेगा.

  • कपड़ा अद्योग को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनने के लिए पीएलआई योजना के अतिरिक्त मेगा निवेश टेक्सटाइल्स पार्क योजना लॉन्च किया जाएगा. 3 वर्षों की अवधि में 7 टैक्सटाईल पार्क स्थापित किए जाएंगे.

  • यूरोप और जापान से और अधिक जहाजों को भारत लाने के प्रयास किए जाएंगे. रिसाइंकिलिंग कैपेसिटी जो लगभग 4.5 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन है उसे 2024 तक दो गुना किया जाएगा. इससे हमारे युवाओं के लिए 1.5 लाख अधिक नौकरियां पैदा होने का अनुमान है.

  • 2020-21 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 9.5% निर्धारित किया गया है. 2021-22 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.8% होने का अनुमान है. 2025-26 तक राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.5% लाने का लक्ष्य है.

  • केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर राज्य में एक गैस पाइप लाइन परियोजना शुरू की जाएगी. एक स्वतंत्र गैस ट्रांसपोर्ट सिस्टम ऑपरेटर का गठन किया जाएगा.

  • असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और प्रवासी मज़दूरों के लिए पोर्टल लॉन्च किया जाएगा. इस पर बिल्डिंग और कंस्ट्रक्टर ​श्रमिकों और अन्य श्रमिकों के बारे में जरूरी जान​कारियां इकट्ठी की जाएंगी.

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, छोटे करदाताओं के लिए मैं एक विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव करती हूं जो पार्दर्शिता सुनिश्चित करेगी. 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले और 10 लाख रुपये तक की विवादित आय वाले लोग समिति के पास जा सकते हैं.

  • नेशनल रिसर्च फाउंडेशन पर अगले 5 वर्ष में 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

  • डिजि​टल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ये पैसे एक स्कीम पर खर्च किए जाएंगे जिसमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय इंसेंटिव दिया जाएगा.

  • आगामी जनगणना भारत के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना होगी. इसके लिए मैंने 3,768 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. 

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