मनदीप पुनिया को 25 हज़ार के निजी मुचलके पर ज़मानत, सबको बोला थैंक्स

नई दिल्ली: पत्रकार मनदीप पुनिया को रोहिणी कोर्ट ने ज़मानत दी है. मनदीप को कोर्ट ने 25 हज़ार के निजी मुचलके पर ज़मानत दी है.मंदीप को बेल देते हुए कोर्ट ने कहा कि

नई दिल्ली: पत्रकार मनदीप पुनिया को रोहिणी कोर्ट ने ज़मानत दी है. मनदीप को कोर्ट ने 25 हज़ार के निजी मुचलके पर ज़मानत दी है.मंदीप को बेल देते हुए कोर्ट ने कहा कि ज़मानत एक नियम है जबकि जेल एक अपवाद है. गौरतलब है कि पुलिस ने पुनिया को सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल से गिरफ्तार किया था जहां केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शन (Farmers Protest) कर रहे हैं.पुलिस ने पुनिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 353 और 332 सहित विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया था. पति को जमानत मिलने पर मनदीप की पत्‍नी लीना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'खुश हूं, इस बात से संतुष्‍ट हूं कि वे जल्‍दी बाहर आ जाएंगे. मैं खुद को खुशखकिस्‍मत समझती हूं कि बड़ी संख्‍या में लोगों ने मनदीप के पक्ष में आवाज उठाई.' 

 

गौरतलब है क‍ि पुनिया पर सिंघू बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस के एसचओ से अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं. इससे पहले पुनिया के साथ दूसरे पत्रकार धर्मेंद्र सिंह को भी हिरासत में लिया था लेकिन पुलिस ने धर्मेंद्र को बाद में छोड़ दिया थी जबकि पुनिया के खिलाफ आरोप दर्ज कर लिया था.पुलिस ने दोनों पत्रकारों को कल उस वक्त हिरासत में ले लिया था जब दोनों सिंघू बार्डर पर खबर की कवरेज कर रहे थे. उस वक्त दोनों पत्रकार बंद सड़क और बैरिकेड की ओर आगे बढ़ रहे थे.

जनसत्ता एक्सप्रेस एक स्वतंत्र मंच है। जहां आपको अपनी बात रखने की, अपने विचार रखने की, अपने जज्बात रखने की खुली छूट है। पर एक बात यहां साफ कर दें कि पत्रकारिता के भी कुछ मूलभूल सिद्धांत हैं जिससे परे हम लोग भी नहीं। पर आप जनसत्ता एक्सप्रेस के साथ किसी भी रूप में जुड़ना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। हम या आपको उतना ही आदर देंगे, सम्मान देंगे जितना अपने सहकर्मी को। इसलिए आप अपने क्षेत्र की खबरें, वीडियो हमें शेयर करें। हम उन्हें जनसत्ता एक्सप्रेस पर प्रकाशित करेंगे। इसके लिए आप jansattaexp@gmail.com का उपयोग कर सकते हैं। या फिर हमें आप whatsup भी 7678313774 पर कर सकते हैं। फोन तो आप कर ही सकते हैं। इसलिए एक नेक काम के लिए, पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए हमारे साथ, हमारी टीम का हिस्सा बनिए और स्वतंत्र पत्रकार, फोटोग्राफर, स्तंभकार के रूप में अपने अंदर के पत्रकार को जिंदा रखिए। हमारी टीम तो आपके साथ है ही।

राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

ट्रेंडिंग